सिमडेगा के भेड़ीकुदर गांव में तथाकथित संगठन के युवकों का नंगा नाच, गांव के युवकों का मुंडन कर जय श्री राम का लगवाया नारा, फिर पूरे क्षेत्र में घुमाया…

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रिपोर्ट- संजय वर्मा

सिमडेगाः सिमडेगा जिला के मेन रोड़ पर स्थित है झुलन चौक, जो जिला मुख्यालय से मात्र कुछ ही मीटर की दूरी पर स्थित है। फिलहाल ये चौक गेरुवा रंग के झंडों से पटा पड़ा है। वहीं दूसरी ओर यहां से लगभग 8 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है भेड़ीकुदर गांव, जहां आसपास के खेतों में सन्नाटा पसरा हुआ है, जबकि इस सीजन में किसानों को खेतों में रहना चाहिए था। ताजा खबर झारखंड की टीम को जानकारी मिली कि, ग्रामीण गांव में ही हैं, लेकिन अपने घरों में दुबके हुए हैं। 16 सितंबर की अहले सुबह हुई घटना के बाद से यहां के ग्रामीण काफी भयभीत हैं।

बिते बुधवार को लगभग 11 बजे “ताजा खबर झारखंड” की टीम बंगरु पंचायत के भेड़ीकुदर गांव पहुंची, जहां मीडिया की टीम पहुंचने की जानकारी मिलने के बाद, ग्रामीण अपने घरों से बाहर निकलें और गांव में 16 सितंबर को हुई घटना की पूरी जानकारी दी। इस दौरान वे सभी पीड़ित युवक भी मौजुद रहें जिन्हें बुरी तरह प्रताड़ित किया गया था।

घटना के बाद से भेड़ीकुदर गांव में भय का माहौलः

ताजा खबर झारखंड की टीम को भुक्तभोगी ग्रामीण घटना की जानकारी देते हुए.

घटना के बारे में ग्रामीणों ने एक-एक कर पूरी जानकारी दी। पीड़ित राज सिंह ने बताया कि 16 सितंबर की सुबह 6 बजे 60 से 70 की संख्या में लोग मेरे घर पहुंचे और अपशब्दों की बौछार करते हुए मुझे लाट्ठी-डंडे से मारना शुरु कर दिएं। इस दौरान मेरी पत्नी रोजलीन कुल्लू मुझे बचाने के लिए बीच-बचाव करने लगी, तब भीड़ में मौजुद युवकों ने जाति सूचक शब्द और अपशब्द बोलते हुए उसके साथ भी धक्का-मुक्की करने लगे, जिसके बाद मेरी पत्नी ने बचाल के लिए हल्ला करना शुरु किया, जिससे आसपास के लोग वहां पहुंचे और मारपीट कर रहे युवकों को मना करने लगे, लेकिन युवकों ने उनके साथ भी अपशब्दों का उपयोग करते हुए उन लोगों के साथ भी मारपीट करना शुरु कर दिया। गांव पहुंचे युवक बार-बार हमलोगों के उपर गौकशी करने का आरोप लगा रहे थें।

युवकों को एक जगह जमा कर पीटा गया, फिर दूसरे गांव ले जाकर मुंडन कर दिया गयाः रोजलीन कुल्लू

भुक्तभोगी दीपक कुल्लू, स्थानीय निवासी़ भेड़ीकुदर गांव, सिमडेगा

पीड़िता रोजलीन कुल्लू ने बताया कि गांव पहुंचे बजरंग दल के युवकों ने मेरे पति राज सिंह समेत गांव के सात युवकों को एक जगह कटहल पेड़ के नीचे खड़ा कर दिया और सभी को कुदाल के डंडे से पीटा गया, इसके बाद दूसरे टोले में ले जाकर सभी का मुंडन किया गया। उन लोगों की संख्या काफी अधिक थी, जिसके कारन गांव वाले डर चुके थें, और चुपचाप पूरी घटना को देखते रहें। किसी ने हिम्मत जुटा कर ऐसा करने से मना किया, तो उनके साथ भी वे लोग अपशब्द बोलते हुए मारपीट करने लगते थें।

फर्जी वीडियो दिखा कर गौकशी करने का आरोप लगा रहे थेः दीपक कुल्लू

26 वर्षीय भुक्तभोगी युवक दीपक कुल्लू ने घटना के बारे में बताया कि, सुबह 6 बजे मैं दूसरे गांव से दूध लेकर अपने गांव पहुंचा, तो मैंने देखा की बाहरी लोग मेरे गांव में पहुंच कर लाट्ठी डंडे से राज सिंह की पिटाई कर रहे हैं, जब मैंने पुछा की आप लोग ऐसा क्यों कर रहे हैं, तो उन लोगों ने मुझे अपशब्द कहते हुए कहा कि, गौकशी करते हो और पुछते हो कि क्यों मार रहे हैं। फिर उन लोगों ने एक वीडियो दिखाया जिसमें एक बुजूर्ग आदमी ये कह रहा है कि गांव में गौकशी हुई थी, उसी वीडियो के आधार पर वे लोग गांव पहुंचे थें और इस तरह की हरकत कर रहे थें। फिर उन लोगों ने मुझे भी बहुत मारा, दूसरे गांव में ले जाकर हम सभी को बहुत पीटा गया। जब मुझे मुंडन करने के बाद जुता का माला पहनाया गया और जय श्रीराम का नारा लगाने के लिए कहा गया तो मैने नही लगाया, तब उन लोगों ने थेथर के डंडे से मुझे बहुत मारा, फिर मैनें डर से जय श्रीराम का नारा लगाया। घटना के दो दिनों बाद मैंने उस आदमी से बात की जिसने वीडियो में कहा था कि गांव में गौकशी हुई है। उस आदमी ने कहा कि मुझे मारने की धमकी देकर जबरन उन लोगों ने मुझे ऐसा कहने के लिए कहा था। इस घटना के बाद से गांव के लोग काफी डरे सहमे हैं।

आरोपियों ने ही पुलिस को फोन कर बुलाया फिर पुलिस के हवाले कियाः

आरोपी युवकों ने भेड़ीकुदर गांव के रहने वाले राज सिंह, दीपक कुल्लू, ईमानुएल टेटे, सुगड़ डांग, सुलिन बारला, सोसन डांग और सेम किड़ो को पूरे गांव में मारपीट कर घुमाने के बाद भेड़ीकुदर गांव में ही स्थित एक बगीचे में लेकर पहुंचे और पुलिस को फोन में गौकशी करने की बात कह कर बुलाया गया। थोड़ी देर बाद काफी संख्या में पुलिस पहुंची, और गांव के हर एक घर की तलाशी ली, लेकिन किसी भी घर से पुलिस को कुछ भी नही मिला, फिर हम सभी को थाना ले जाकर पुछताछ किया गया। पुलिस ने हमलोगों से कहा भी जब तुमलोगों ने गौकशी किया ही नही है तो डरो मत। फिर हम सभी को थाने से ही छोड़ दिया गया।

पीड़िता रोजलीन कुल्लू ने सिमडेगा थाना में दर्ज करवाई आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकीः

पीड़ित युवक राज सिंह की पत्नी रोजलीन कुल्लू जो स्वयं भी भुक्तभोगी है, उन्होंने सिमडेगा थाना में आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करवाई है। कूल 8 लोगों पर नामजद और तीन दर्जन से भी अधीक लोगों पर अज्ञात नाम से प्राथमिकी दर्ज करवाई गई। नामजद आरोपियों में नयन केशरी, सोनू सिंह, सोनू नायक, तुलसी साहू, श्रीकांत प्रसाद, दीपक प्रसाद, अमन केशरी और राजेन्द्र प्रसाद का नाम शामिल है।

कूल चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है, बाकियों की खोज जारीः रवीन्द्र सिंह, थाना प्रभारी, सिमडेगा थाना

घटना के बारे में सिमडेगा थाना प्रभारी रवीन्द्र सिंह ने बताया कि गौकशी की सूचना पुलिस को दी गई थी, जिसके बाद पुलिस गांव में पहुंची और जांच की, लेकिन गांव के किसी भी घर से गौकशी होने का कोई सबूत नही मिला, जिसके बाद सभी भुक्तभोगियों को थाने में हुई पुछताछ के बाद छोड़ दिया गया था। रोजलीन कुल्लू ने जो प्राथमिकी दर्ज करवाई है, उस पर कार्रवाई करते हुए 8 में से 4 नामजद आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। इनमें सोनू सिंह और राजेन्द्र सिंह भी शामिल हैं। पुलिस अन्य लोगों की तलाश में जुटी हुई है।

घटना में बजरंग दल का नही, बल्कि जय भवानी संगठन के युवकों का हांथः दीपक ठाकुर, प्रदेश संयोजक, बजरंग दल

घटना के बारे में बजरंग दल के प्रदेश संयोजक दीपक ठाकुर ने बताया कि, इस घटना में मेरे संगठन के सदस्यों का हाथ नही है, बल्कि इस घटना को क्षेत्रीय स्तर पर संचालित “जय भवानी संगठन” के लोगों ने अंजाम दिया है। जय भवानी संगठन के नाम से जिले में एक वाट्सएप्प ग्रुप संचालित है। दीपक ठाकुर ने ये भी कहा कि बीरु पंचायत में बजरंग दल के लोग सक्रीय नही हैं।

एक साजिश के तहत घटना को दिया गया अंजामः

गौकशी के नाम पर भेड़ीकुदर गांव में घटना को अंजाम देने के लिए जो 60-70 की संख्या में युवक पहुंचे थें, वे किसी एक गांव के नही, बल्कि कई गांव के युवक थें, जिससे पता चलता है कि किसी निजी दुश्मनी से नही, बल्कि संगठनात्मक बैठक कर इस घटना को अंजाम दिया गया है। क्योंकि विभिन्न गांव के युवक अगर एक साथ निर्धारित गांव में सुबह के 6 बजे पहुंचे हैं, तो इसका मतलब ये हुआ कि घटना को अंजाम देने के लिए पूर्व में ही बैठक कर या वाट्सएप्प के माध्यम से बातचीत कर रणनीति तैयार कर ली गई थी। इसलिए जरुरी है कानून को अपने हाथ में लेने वाले संगठन के लोगों को सबक सिखाने की। पुलिस इस मामले के आरोपियों पर सख्ती से कार्रवाई करते हुए सभी आरोपियों को कड़ी से कड़ी सजा दिलवाए अन्यथा इस तरह की घटना आगे भी होते रहेगी।  

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