हजारीबाग- 6 घरों में किरोसीन तेल से हुई विस्फोट, 4 की मौत 8 से अधीक गंभीर रुप से घायल, पीड़ितों को प्रशासन से अबतक कोई राहत नहीं.

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रिपोर्ट- संजय वर्मा

रांचीः हजारीबाग जिले के सदर और मुफ्फसिल थाना क्षेत्र में किरोसीन तेल से विस्फोट होने की 5 अलग अलग घटनाओं में अब तक 4 लोगों की मौत हो चुकी है और 8 से भी अधीक लोग घायल हुए हैं। सभी पांच घटनाओं में एक बात सामान्य नजर आ रही है कि किरोसीन तेल मानक क्षमता से ज्याद ज्वलनशील थी, जिसके कारन आग काफी तेजी से फैल रही थी और सभी पांच घटनाओं में किरोसीन के जार में जोरदार विस्फोट भी हुई है।

9 फरवरी 2021 से 20 फरवरी 2021 तक सिलसिलेवार हुई किरोसीन तेल में विस्फोट की घटनाः

हजारीबाग जिला के सदर थाना क्षेत्र अंतर्गत अमनारी पंचायत में रहने वाले तुलसी ठाकुर की बहु 35 वर्षीय सबिता देवी 15 फरवरी 2021 की शांय लालटेन में किरोसीन तेल डाल रही थी, तभी किरोसीन तेल के जार में जोरदार विस्फोट हुआ और घर में आग लग गई, इस दौरान सबिता देवी के दोनों बेटे, 15 वर्षीय पवन कुमार और 11 वर्षीय आयुष कुमार भी वहां मौजुद थें, जिससे तीनों लोग झुलस गएं। घटना के बाद तीनों घायलों को हजारीबाग सदर अस्पताल ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें रिम्स रेफर कर दिया गया। गंभीर रुप से जल जाने के कारन 4 दिन बाद मां सबिता देवी और 11 वर्षीय आयुष कुमार की मौत हो गई। परिजन अब तक 50 हजार से अधीक ईलाज में खर्च कर चुके हैं।

15 फरवरी को ही इसी गांव में राशन डीलर नागेश्वर प्रसाद के घर के समीप सुदर्शन प्रसाद के घर में ढिबरी में किरोसीन डालने के दौरान किरोसीन तेल के डब्बे में जोरदार विस्फोट हुआ, जिसमें उनकी पत्नी रजन्ति देवी बुरी तरह झुलस गई, घटना के समय रजन्ति के पति सुदर्शन प्रसाद घर में ही मौजुद थें, उन्होंने पड़ोसियों की मदद से आग पर काबू पाया। इस दौरान रजन्ति देवी का चेहरा और पैर से कमर तक का हिस्सा बुरी तरह झुलस चुका था। रजन्ति देवी को भी सदर अस्पताल हजारीबाग में भर्ती करवाया गया, जहां एक सप्ताह तक चले ईलाज के बाद वह अपने घर पहुंच चुकी है। काफी गरीब परिवार होने के कारन पड़ोसियों ने रजन्ति देवी के ईलाज में पैसा खर्च किया। रजन्ति देवी के चार बच्चे हैं, जिसमें रौशनी 4 वर्ष, देवराज 3 वर्ष और दो जुड़वा बच्चे आनंद राज और अमित राज हैं। रजन्ति देवी के पति सुदर्शन प्रसाद गांव में ही ट्रेक्टर चालक हैं, जिससे उनका गुजारा चलता है।

हजारीबाग सदर थाना क्षेत्र के अमनारी पंचायत में दोनों ही घटना 15 फरवरी को हुई। इस मामले में राशन डीलर नागेश्वर प्रसाद की बेटी कुंती कुमारी ने बताया कि जनवरी माह में लगभग 350 कार्ड धारियों के बीच 1-1 लीटर किरोसीन तेल का वितरण किया गया था। दोनों ही घरों में हुई घटना के बाद प्रखंड विकास पदाधिकारी और एम.ओ. गांव पहुंचे थें। उन्होंने जितना भी किरोसीन तेल कार्डधारियों को दिया गया था, उसे वापस लेने का आदेश दिया। कुंती कुमारी ने आगे बताया कि, ज्यादातर कार्डधारी कृषि कार्य में मिट्टी तेल का उपयोग कर चुके थें, मात्र 10-15 लीटर किरोसीन तेल ही कार्डधारियों से वापस लिया गया है। किरोसीन तेल आर्मी ट्रैडिंग कंपनी के डिपो से टैंकर के द्वारा हमारे यहां पहुंचाया गया था।

हजारीबाग के सदर थाना क्षेत्र में फैक्ट फाईन्डिंग के बाद “एच.आर.एल.एन.” और “ताजा खबर झारखंड” की टीम जिले के ही मुफ्फसिल थाना क्षेत्र स्थित चुटियारो पंचायत के सरोनी गांव पहुंची।  यहां 20 फरवरी को अमृत राणा की छोटी बहु, कांति देवी लकड़ी के चुल्हे में खाना बना रही थी, तभी बिजली कट गई, जिसके बाद कांति देवी ढिबरी में तेल डालने लगी, इस दौरान 10 वर्षीय बेटा पियुष कुमार और 12 वर्षीय बेटी पायल कुमारी रसोई घर मे ही मां कांति देवी के साथ मौजुद थें। ढिबरी में तेल डालने के दौरान ढिबरी और किरोसीन तेल के जार में जोरदार विस्फोट हुआ, जिसमें तीनों लोग बुरी तरह झुलस गएं। घटना के समय दूसरे कमरे में मौजुद कांति देवी के देवर ने कंबल ढंक कर तीनों को बचाने की कोशिश की, जिसमें राजकुमार राणा का भी हांथ जल गया। घटना में कांति देवी का कमर से नीचे का हिस्सा पुरी तरह जल चुका है। 12 वर्षीय बेटी पायल कुमारी का पुरा चेहरा और कमर से पैर तक का हिस्सा और बेटा पियुष कुमार घुटना से नीचे तक जल गया है। तीनों का ईलाज फिलहाल हजारीबाग सदर अस्पताल में ही चल रहा है।

यहां के बाद फैक्ट फाईन्डिंग टीम चुटियारो पंचायत के ही ठाकुर सरोनी गांव के जामुन टोला पहुंची। यहां 10-12 दिन पहले तुलसी ठाकुर की पत्नी 60 वर्षीय यशोदा देवी ढिबरी में किरोसीन तेल डाल रही थी, तभी ढिबरी में ब्लास्ट हो गया और घर में आग लग गई। इस घटना में यशोदा देवी का दाहिना हांथ जल गया और चेहरे के साथ बाल भी झुलस गया। यशोदा देवी का ईलाज भी सदर अस्पताल हजारीबाग में करवाया गया। पीड़ित यशोदा देवी के पती तुलसी ठाकुर ने बताया कि किरोसीन तेल स्थानीय राशन डीलर नागेश्वर पांडे के यहां से लाया गया था।

सरोनी गांव के हरीजन टोला में भी किरोसीन तेल के ढिबरी में विस्फोट होने से 2 वर्ष 2 माह की बच्ची सुमन कुमारी की दर्दनाक मौत हो गई। यहां दिनांक 9 फरवरी 2021 को  बच्ची की मां कौश्लया देवी, पति केदार राम अपनी बच्ची को गोद में लेकर बिजली कटने के बाद शांय के लगभग साढ़े 6 बजे ढिबरी में तेल डाल रही थी, इसी दौरान यहां भी ढिबरी में जोरदार विस्फोट हुआ और मां बेटी दोनों बुरी तरह जल गई। दैनिक मजदुर केदार राम दोनों को लेकर हजारीबाग सदर अस्पताल पहुंचे, जहां बच्ची की गंभीर स्थिति को देखते हुए रिम्स रेफर कर दिया गया। ईलाज के दौरान मासुम बच्ची, सुमन कुमारी की मौत हो गई। यहां भी किरोसीन तेल, स्थानीय राशन डीलर नागेश्वर पांडे के दुकान से लाया गया था। परिजनों ने बताया कि केदार राम दैनिक मजदुरी कर काफी मुश्किलों से अपने परिवार का जिविकोपार्जन करते हैं।

पांचवी घटना चुटियारो पंचायत के ही सरोनी खुर्द गांव में हुई, यहां 9 फरवरी 2021 को 65 वर्षीय देवन्ती देवी की मौत भी ढिबरी में किरोसीन तेल डालने के दौरान हुई। घटना के बारे में परिजनों ने बताया कि 9 फरवरी की शायं बिजली कट होने के बाद देवन्ती देवी ढिबरी में तेल डाल रही थी, तभी एकाएक ढिबरी तेजी से धधक गया, जिससे देवन्ती देवी पेट से पैर तक जल गई। गंभीर रुप से घायल देवन्ती देवी को सदर अस्पताल में भर्ती करवाया गया, जहां 15 फरवरी को उनकी मौत हो गई। यहां किरोसीन तेल राशन डीलर, खीरु महतो के दुकान से लाया गया था।

छठी घटना चुटियारो पंचायत, के ही चुटियारो गांव में हुई, जहां 10 वर्षीय शनि कुमार यादव अहले सुबह साढ़े चार बजे बोरसी जलाने के लिए बोरसी में मिट्टी का तेल छिड़क कर माचीस जलाई, लेकिन आग काफी तेजी से धधक गया, जिससे शनि कुमार यादव लगभग 80 प्रतिशत जल गया। शनि का ईलाज रांची में प्राईवेट अस्पताल में चल रहा है। पीड़ित शनि कुमार यादव के बड़े भी ने बताया कि सरकारी अस्पताल में ईलाज सही नहीं हो रहा था, जिसके बाद उनके पिता ने उसे प्राईवेट अस्पताल में भर्ती करवाया जिसमें अब तक 1 लाख से अधीक खर्च हो चुका है।

समय रहते कदम उठाते हुए घटनाओं को कम किया जा सकता थाः

किरोसीन तेल अत्यधीक ज्वलनशील थी, जिसकी पुष्टि सैंपल जांच में हो चुकी है। 15 फरवरी को सदर थाना क्षेत्र के अमनारी पंचायत में हुई दो-दो घटनाओं के बाद सैंपल लिया गया था, जिसकी जांच, झारखंड के खूंटी जिला स्थित इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन के लेबोरेटरी में करवाई गई। जांच रिपोर्ट के अनुशार किरोसीन तेल अपने मानक क्षमता से भी अधीक ज्वलनशीन थी, किरोसीन तेल का Flash Poing(Abel) 35.0 ºC होना चाहिए था लेकिन जांच में पाया गया 13.5 ºC वहीं सल्फर की मात्रा अधीकतम 0.2000wt% होनी चाहिए थी, लेकिन जांच में पाया गया 0.0590, जिसके कारन किरोसीन तेल तेजी से धधकते हुए विस्फोट हो रही थी। किरोसीन तेल में विस्फोट की पहली घटना 9 फरवरी को हुई थी, अगर इसी दौरान किरोसीन वापस मंगवा लिया जाता तो 9 फरवरी के बाद जितनी भी घटनाएं हुई उसे रोका जा सकता था, लेकिन जिला प्रशासन की टीम 15 फरवरी को हुई घटना के बाद रेस हुई तब तक 20 फरवरी को तीन लोग चुटियारो पंचायत में झुलस चुके थें।

इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन की सैंपल जांच रिपोर्ट.

जिला प्रशासन ने मानी सिस्टम में चुक, किरोसीन तेल डिपो संचालक पर प्राथमिकी दर्जः

विस्फोट की घटना जिस किसी भी पंचायत में हुई है, वहां के राशन डीलरों के पास मेसर्स आर्मी ट्रेडिंग कंपनी के डिपो से किरोसीन तेल टैंकर से पहुंचाया गया था। चुंकि सिर्फ उसी डिपो के किरोसीन तेल से इस तरह की घटना हुई है।18 फरवरी को मिले सैंपल जांच रिपोर्ट में ये खुलाशा हो चुका है कि, किरोसीन तेल में मिलावट हुई थी, जिसके कारन किरोसीन तेल मानक क्षमता से अधीक ज्वलनशील हो गया था, इसी को आधार बनाते हुए कृष्णानंद झा, खाद्य आपूर्ति पदाधिकारी, सदर हजारीबाग के द्वारा मेसर्स आर्मी ट्रेडिंग कंपनी पर “आवश्यक वस्तु अधिनियम” और आईपीसी के सुसंगत धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज करवाया गया है। कंपनी पर आईपीसी की धारा 304/285 और 07EC Act दर्ज किया गया है।

मेसर्स आर्मी ट्रैडिंग कंपनी पर प्राथमिकी दर्ज.

मृतक के परिजन और घायलों के प्रति जिला प्रशासन का उदासीन रवैयाः

जिला प्रशासन ने सिस्टम में चुक मान कर दोषी पर कार्रवाई करने के लिए प्राथमिकी दर्ज करवा दी है, जो जिला प्रशासन का सराहनीय कदम है, लेकिन उन गरीबों के प्रति जिला प्रशासन उदासीन है, जो 4 लोग अब तक इस घटना में मृत्यु को प्राप्त हो चुके हैं और जो लोग जिन्दगी और मौत के बीच वर्तमान में झुल रहे हैं। जिला प्रशासन की ओर से अब तक मृतक के परिजनों के लिए सम्मानजनक मुआवजा की घोषणा नहीं की गई है और ना ही गंभीर रुप से पीड़ित मरीजों के ईलाज के लिए उचित ईलाज की व्यवस्था की गई है। हजारीबाग सदर अस्पताल में गंभीर रुप से जल चुके तीन मरीज का ईलाज सामान्य वार्ड में किया जा रहा है, जबकि इन मरीजों का ईलाज स्पेशल बर्न वार्ड में किया जाना चाहिए था। जब“एच.आर.एल.एन.” और “ताजा खबर झारखंड” की टीम हजारीबाग सदर अस्पताल घटना में गंभीर रुप से घायल मरीजों को देखने पहुंची तो वहां 80 प्रतिशत तक जल चुके मरीजों को बेड में पड़े करहाते देखा। मौके पर उपस्थित एएनएम से बात की गई, तो उन्होने बताया कि यहां बर्न वार्ड नही है।

आपदा प्रबंधन विभाग से मुआवजा दिलवाने का प्रयास जारीः डीएसओ, हजारीबाग

मृतक के परिजन और घायलों के बेहतर चिकित्सा सुविधा और मुआवजा को लेकर ताजा खबर झारखंड की टीम द्वारा बात करने की कोशिश की गई, लेकिन मीटिंग में व्यस्त रहने के कारन उनसे बात नही हो सकी। इस मामले में डीएसओ हजारीबाग, अरविंद कुमार ने बताया कि उपायुक्त, हजारीबाग द्वारा मृतक के परिजन और घायलों को मुआवजा दिलवाने का प्रयास जारी है, इसके लिए आपदा प्रबंधन विभाग से बातचीत की जा रही है।

पीड़ितों को जिला प्रशासन से मदद की जरुरतः

ढ़िबरी, लालटेन और बोरसी का उपयोग पैसे वाले लोग नहीं, बल्कि गरीब लोग ही करते हैं। पीड़ित लोग कर्ज लेकर अपने मरीजों का ईलाज करवा रहे हैं, जबकि ये घटना प्रशासनिक चुक की वजह से हुई है। इसलिए जिला प्रशासन को चाहिए कि अविलंब मृतक के परिजन और घायलों को सम्मानजनक मुआवजा देने और घायलों के लिए बेहतर चिकित्सा की व्यवस्था करे।

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