“ताजा खबर झारखंड” में खबर प्रसारण के बाद निंद से जगी प्रशासन, सलगी उराईन को भर्ती करवाया अस्पताल में, विकास योजनाओं का लाभ देने के लिए आज ही बनवाया दोनो का आधार कार्ड…

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रिपोर्ट- संजय वर्मा…

रांचीः 19 मार्च को मांडर प्रखंड के मसमानों गांव में दुगीया उरांव की मौत लंबे समय से भूखा रहने और गंभीर बीमारी के कारन हो गई थी। इस खबर का प्रसारण ताजा खबर झारखंड में काफी प्रमुखता के साथ किया गया था, हलांकि दुगीया के मौत से पूर्व ही ताजा खबर झारखंड ने राज्य के मुखिया हेमंत सोरेन को सोशल मीडिया पर टैग कर इस बात की जानकारी देने का काम किया था, कि राशन और वृद्धा पेंशन से वंचित दुगीया उराईन उसकी बहन सलगी उराईन की तबियत बीते दिसंबर माह से काफी खराब है, जिसे बेहतर ईलाज और भोजन की जरुरत है, लेकिन इस पर कोई ध्यान नहीं दिया गया और अंततः 19 दिसंबर को दुगीया उराईन की मौत हो गई। दुगीया उराईन की मौत की सूचना मिलने के बाद, इस खबर का प्रसारण काफी प्रमुखता के साथ किया गया था, जिसके बाद स्थानीय प्रशासनिक अधिकारियों की निंद खूली और शायं के 7 बजे मृतिका के घर पहुंच कर पुरे मामले की पड़ताल की। यहां बीडीओ द्वारा काफी कमजोर हो चुकी लकवा ग्रस्त सलगी उराईन को मांडर स्थित अस्पताल में ईलाज के लिए भर्ती करवाया।

सलगी उराईन और नंदी का आज ही आधार कार्ड के लिए इंरोलमेंट करवाया गयाः सुलेमान मुंडरी प्रखंड विकास पदाधिकारी, मांडर

इस बारे में मांडर प्रखंड के प्रखंड विकास पदाधिकारी, सुलेमान मुंडरी से बात की गई। उन्होंने बताया कि शायं के 6 बजे मुझे ताजा खबर के माध्यम से दुगीया उराईन की भूख से मौत होने की सूचना मिली, जिसके बाद मैं तुरंत ही मसमानों गांव पहुंचा और मामले की पड़ताल की। जांच में पाया कि उसके घर में चावल मौजुद था और चावल बनाया भी गया था। फिर मैंने कहा कि 18 मार्च को जब मैं गांव पहुंचा था, उस दौरान मात्र 8-10 केजी चावल एक झोले में रखा हुआ था, जिसका वीडियो फूटेज भी मेरे पास मौजुद है और ये चावल बस्की गांव के स्थानीय निवासी जो सेना से सेवानिवृत हुए हैं उनके द्वारा दिया गया था, इसके अलावा मेरे द्वारा मुखिया से कहने के बाद डीलर के द्वारा वहां चावल पहुंचाया गया था, तब तक दुगीया की मौत हो चुकी थी। दिसंबर माह से इन लोगों की स्थिति काफी खराब थी, लेकिन मुखिया ने कोई ध्यान नही दिया। इस पर प्रखंड विकास पदाधिकारी ने कहा कि, मुखिया द्वारा मुझे मामले की कोई सूचना नही दी गई थी, अगर सूचना रहती तो हर संभव मदद किया जाता। फिलहाल मैंने मृतिका दुगीया उराईन की 58 वर्षीय बहन को बेहतर ईलाज के लिए अस्पताल में भर्ती करवा दिया है और दोनो का आज ही आधार कार्ड के लिए इंरोलमेंट भी करवा दिया है। आधार कार्ड 2-3 दिनों में मील जाएगा, जिसके बाद राशन कार्ड और वृद्धा पेंशन की सुविधा प्रदान कर दी जाएगी। प्रखंड विकास पदाधिकारी ने ये भी आश्वासन दिया कि सलगी उराईन के स्वस्थ होने पर उनसे बातचीत कर वो जहां रहना चाहेगी उसके लिए आवास बना कर दिया जाएगा।

हेमंत सरकार दोषी, सलगी उराईन को अस्पताल में भर्ती कर अधिकारियों ने पल्ला झाड़ लिया हैः आरती कुजूर

शनिवार को प्रदेश भाजपा द्वारा एक जांच टीम भी मसमानों गांव भेजा गया था, जिसमें प्रदेश भाजपा की प्रदेश उपाध्यक्ष सह पूर्व विधायक मांडर गंगोत्री कुजूर, भाजपा प्रदेश महिला मोर्चा की अध्यक्ष आरती कुजूर और महामंत्री मंजूलता दुबे शामिल थी। घटना की जांच करने के बाद इन्होंने बताया कि प्रशासनिक लापरवाही के कारन दुगीया उराईन की मौत हुई है। इसके लिए सीधे तौर पर हेमंत सरकार दोषी है। भोजन का अधिकार कानून के तहत इन्हें राशन उपलब्ध करवाया जाना था, लेकिन इनका राशन कार्ड ही नही था, अगर इनका राशन कार्ड होता, तो आयुष्मान कार्ड भी बना होता जिससे इनका ईलाज संभव था। इसके अलावा सरकार द्वारा इन्हें वृद्धा पेंशन भी नही मील रहा था, जिससे स्पष्ट होता है कि सरकार के विकास योजनाओं का लाभ इन लाचार गरीब आदिवासी परिवार को नहीं मील रहा था, जिसके कारन तंगहाली की स्थिति में दुगीया उरांव की मौत हुई है। अधिकारियों ने आनन फानन में सलगी को अस्पताल में भर्ती कर अपना पल्ला झाड़ लिया है।

स्थानीय ग्रामीणों ने ताजा खबर झारखंड के प्रयास की सराहना कीः

शनिवार को जब ताजा खबर झारखंड की टीम मसमानों गांव पहुंची तो, स्थानीय ग्रामीणों ने “ताजा खबर झारखंड” द्वारा प्रसारित समाचार की काफी सराहना की। ग्रामीणों ने कहा कि अगर आप पहले इस गांव में आ जाते तो, दुगीया उराईन की जान बच जाती, लेकिन आपके खबर के प्रसारण के बाद अधिकारी इस गांव में पहुंचे और जिन्दगी और मौत से जुझ रही सलगी को बेहतर ईलाज के लिए अस्पताल में भर्ती करवाया और राशन कार्ड के साथ बृद्धा पेंशन भी मुहैया कराने की बात कही है। जो इस परिवार को लिए बेहद जरुरी था।

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