गिंजोठाकुर गांव, जहां ना ही बड़े-बड़े पंडालों का किया जाता है निर्माण और ना ही मां दुर्गे के प्रतिमा की स्थापना…

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रिपोर्ट- अन्नू साहू, ठाकुरगांव…

रांचीः रांची जिला के बुढ़मू प्रखंड में एस ऐसा गांव है, जहां दुर्गोत्सव के दौरान ना ही पूजा पंडालों का निर्माण किया जाता है और ना ही मां दुर्गे के मुर्ति की स्थापना। जी हां वो गांव है ठाकुरगांव, जहां सदियों से मां दुर्गे की प्रतिमा स्थापित कर मां की अराधना नही की जाती है।

क्षेत्र के ग्रामीण बताते हैं कि गिंजो ठाकुर गांव में साक्षात मां भवानी शंकर विराजमान हैं। गिंजो ठाकुरगांव में साक्षात मां भवानी शंकर का मंदिर होने के कारण दुर्गा पूजा में पंडाल का निर्माण नहीं किया जाता है। इसके एवज में ठाकुर गांव में यज्ञ का आयोजन किया जाता है। कोरोना महामारी की वजह से पिछले 2 सालों से यज्ञ का आयोजन नहीं किया गया था, लेकिन इस बार 2022 में पुरे धुम-धाम के साथ रामचरित्र मानस नवाह़न परायण यज्ञ का आयोजन किया गया है। दो वर्षों बाद गिंजोठाकुर गांव में यज्ञ का आयोजन किए जाने से क्षेत्र में खुशी का माहौल है। यज्ञ को लेकर महिलाओं में काफी खुशी देखी जा रही है। बुधवार की रात श्री महाराज आचार्य जय केशव जी के द्वारा प्रवचन किया गया और उनके ग्रुप के सदस्यों द्वारा भजन प्रस्तुत किया गया। भजन संध्या के दौरान ग्रामीण जनता नाचते झुमते दिखें। इस मौके पर समिति द्वारा भंडारे का भी आयोजन किया गया था।

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