पलामू मेडिकल कॉलेज में नवनिर्मित VIROLOGY एवं कोविड-19 प्रयोगशाला का किया गया ऑनलाइन उद्घाटन, प्रतिदिन 1000 से 1500 सैंपल की जांच हो सकेगी…

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रिपोर्ट- बिनोद सोनी…

कोरोना जांच हेतु पलामू मेडिकल कॉलेज में स्थापित यह प्रयोगशाला अत्याधुनिक है।

इस प्रयोगशाला में प्रतिदिन एक से डेढ़ हजार कोविड-19 सैंपलों की जांच की जा सकेगी।

सैंपल जांच के लिए रांची नही आना पड़ेगा।

संताल परगना में भी कोविड-19 जांच के लिए आधुनिक प्रयोगशाला का शुभारंभ जल्द होगा।

रांचीः मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने कहा कि कोरोना संक्रमण के हालात को देखते हुए राज्य सरकार संक्रमण के शुरुआती दिनों से ही तेज गति से काम करना प्रारंभ कर चुकी थी। संक्रमण के शुरुआती दौर में लगभग 20 से 25 दिन हमें कोविड-19 टेस्ट के लिए दूसरे राज्यों पर निर्भर रहना पड़ा था, परंतु राज्य सरकार प्रतिबद्धता के साथ कार्य करते हुए राज्य में शीघ्र ही 3 प्रयोगशाला स्थापित कर जांच कार्य प्रारंभ करवा चुकी है। उन्होंने कहा कि कोविड-19 की जांच युद्ध स्तर पर किया जाना अति आवश्यक है, इस निमित्त आज राज्य सरकार द्वारा पलामू में भी एक बायोसेफ्टी लेवल के प्रयोगशाला का उद्घाटन  किया गया। मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि यह प्रयोगशाला पलामू एवं आस-पास स्थित क्षेत्र के लोगों के लिए स्वास्थ्य़ के क्षेत्र में मील का पत्थर साबित होगा। उक्त बातें मुख्यमंत्री ने पलामू मेडिकल कॉलेज में नवनिर्मित VIROLOGY एवं कोविड-19 प्रयोगशाला का ऑनलाइन उद्घाटन करने के क्रम में कही।

एक सप्ताह के अंदर संताल परगना में भी आधुनिक प्रयोगशाला का संचालन होगा शुरुः

मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने कहा कि जल्द ही संताल परगना में भी एक अत्याधुनिक कोविड-19 जांच प्रयोगशाला का शुभारंभ किया जाएगा। इसकी पूरी तैयारी कर ली गई है। उन्होंने कहा कि राज्य वासियों को बेहतर स्वास्थ्य चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। वर्तमान समय में स्वास्थ्य चिकित्सा के क्षेत्र में किसी भी प्रकार की लापरवाही बड़ी चुनौती बन सकती है। पूरी तत्परता के साथ लोगों को स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध हो इस पर हमें निरंतर कार्य करने की जरूरत है।

प्रत्येक जिले में कोविड-19 जांच के लिए ट्रूनेट मशीन की उपलब्धता जल्द से जल्द होगीः

मुख्यमंत्री ने कहा कि ट्रूनेट मशीन का दायरा बढ़ाकर प्रखंड स्तर में भी जांच सुविधा उपलब्ध कराने हेतु सरकार प्रतिबद्ध है। कोरोना संक्रमण के इस दौर में बंदी का माहौल है, फिर भी राज्य सरकार द्वारा पलामू में भव्य प्रयोगशाला स्थापित करना एक चुनौती थी, जिसे स्वीकार करते हुए पूरा कर लिया गया है। उन्होंने कहा कि यह अत्याधुनिक प्रयोगशाला पलामू मेडिकल कॉलेज को सुपुर्द किया गया है। प्रयोगशाला के संचालन में कभी भी सरकार के सहयोग की जरूरत पड़े तो सरकार सहयोग देने के लिए कटिबद्ध है।

जांच प्रयोगशाला के संचालन के लिए कई स्तर पर परमिशन की पड़ती है आवश्यकता

मुख्यमंत्री ने कहा कि कोविड-19 जांच प्रयोगशाला के संचालन के लिए गाइडलाइन के अनुसार कई स्तर पर परमिशन की आवश्यकता पड़ती है। राज्य सरकार गाइडलाइन के अनुसार सभी प्रक्रिया को पूरा कर प्रयोगशाला स्थापित करने के लिए निरंतर कार्यरत है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पलामू में शुरू हुए कोविड-19 जांच प्रयोगशाला का उद्घाटन करने के लिए मैं सशरीर उपस्थित नहीं हो सका, इसका मुझे दु:ख है, पर इस बात की खुशी है कि इस प्रयोगशाला का विधिवत शुभारंभ आज हुआ। मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान समय में कोविड-19 का कोई वैक्सीन या दवा  पलब्ध नहीं हो सका है। इस संक्रमण से बचने का एक ही तरीका है। स्वयं खुद का ख्याल रखें और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करें। सेल्फ क्वॉरेंटाइन एवं आइसोलेशन में रखकर हम इस संक्रमण से लड़ सकते हैं।

अन्य राज्यों के अपेक्षा कोरोना संक्रमण पर झारखंड ने किया अच्छा काम

मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने आगे कहा कि राज्य में जैसे ही नई सरकार बनी, सरकार ठीक तरह से स्थापित भी नहीं हो पाई थी और हम कोरोना संक्रमण के मक्कड़जाल में फंस गए। कोरोना संक्रमण राज्य में बड़ी चुनौती थी। यह चुनौती वर्तमान समय में पता भी चल रहा है। उन्होंने कहा कि सीमित संसाधनों के साथ संक्रमण के हर पहलुओं पर निरंतर नजर रखा गया, यही वजह है कि अन्य पड़ोसी राज्यों के मुकाबले आज हम संक्रमण को नियंत्रित करने में अच्छा कार्य कर पा रहे हैं। राज्य सरकार की सजगता और बेहतर प्रबंधन का उदाहरण आज दिख रहा है। उन्होंने कहा कि पड़ोसी राज्य किस तरह संक्रमण की चुनौती से घिरे पड़े हैं। यह देखने को मिल रहा है।

सभी दिशाओं में आगे बढ़ रही है सरकारः

मौके पर स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता ने कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में राज्य सरकार हर दिशा में आगे बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य के क्षेत्र में गंभीरता दिखायी है। राज्य सरकार एवं स्वास्थ्य विभाग आपसी समन्वय बनाकर कार्य कर रही है। मैं मुख्यमंत्री एवं स्वास्थ्य विभाग के सभी अधिकारियों के प्रति आभार व्यक्त करता हूं।

VIROLOGY & COVID-19 DIAGNOSTIC LAB से जुड़ी मुख्य बातेः

एम्स रायपुर के मार्गदर्शन से PREJHA Foundation द्वारा ICMR के गाइडलाइन के अनुरूप इस लैब को तैयार किया गया है। 1500 स्क्वायर मीटर में स्थापित इस लैब में प्रतिदिन 1000 से 1500 सैंपल की जांच होगी। यह लैब 45 दिनों में बनकर तैयार हुआ है। यह बायोसेफ्टी लैबल-2 (BSL-2) लैब है, जो निगेटिव प्रेशर के साथ है। इसमें RTPCR (रिवर्स ट्रांसक्रिप्शन पॉलीमरेस चेन रियेक्शन) के दो मशीन हैं और टाइप-2, ए-2 का 3 बायोसेफ्टी कैबिनेट लगे हैं। इसके अलावा अन्य तकनीकी उपकरण लगाये गये हैं, जिसके माध्यम से कम समय में ज्यादा जांच संभव हो सकेगा। लैब के संचालन होने से समय की बचत होगी और जांच रिपोर्ट के आधार पर कोरोना संक्रमित व्यक्तियों का त्वरित इलाज संभव हो सकेगा।

इस अवसर पर मुख्य सचिव सुखदेव सिंह, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव राजीव अरुण एक्का, स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव डॉ नितिन मदन कुलकर्णी उपस्थित थें। वहीं कार्यक्रम स्थल पलामू से छतरपुर विधायक श्रीमती पुष्पा देवी, डीआईजी आर.के. लकड़ा, उपायुक्त शशि रंजन, पुलिस अधीक्षक अजय लिंडा, पीएमसीएच के प्राचार्य डॉ जे शरण प्रसाद, अधीक्षक डॉ केएन सिंह, सिविल सर्जन पलामू डॉ जॉन एफ कैनेडी सहित अन्य पदाधिकारी एवं कर्मी ऑनलाइन उपस्थित थें।

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