नामकुम-लाली मार्ग अत्यंत जर्ज़र, अविलम्ब निर्माण नहीं होने पर ग्रामीण करेंगे उग्र आंदोलन…
ब्यूरो रिपोर्ट…
रांची(नामकुम प्रखंड) – नामकुम प्रखंड अंतर्गत नामकुम से लाली गांव जाने वाली सड़क की स्थिति काफी जर्ज़र हो चुकी है। ग्रामीण इसकी शिकायत पूर्व में कई स्थानीय जनप्रतिनिधि और अधिकारियों से भी कर चुके हैं, बावजुद इस ओर किसी ने भी ध्यान नहीं दिया। रोड़ का निर्माण 15 वर्ष पूर्व एक लंबे चले आंदोलन के बाद करवाया गया था, लेकिन वर्तमान में स्थिति ये है कि लाली गांव जाने के लिए कोई भी वाहन चालक तैयार नहीं होता है. अगर जाते भी हैं तो दोगुना भाड़ा वसुलते हैं। गांव में अगर कोई बीमार हो जाए तो काफी खर्च कर एंबुलेंस बुलवाना पड़ता है। सवारी गाड़ी नहीं चलने के कारन बच्चों को स्कूल आने जाने और आम ग्रामीणों को काफी परेशानी होती है।

वर्तमान स्थिति से गुजर रहे लाली गांव के ग्रामीणों ने एक आस की किरण की तरह भाजपा नेत्री आरती कुजूर को गांव में आमंत्रीत किया। यहां आरती कुजूर ने ग्रामीणों के साथ बैठक कर ग्रामीणों की पीड़ा सुनी। एक ग्रामीण ने सड़क की जर्ज़र स्थिति और जनप्रतिनिधियों की उपेक्षा से हो रहे परेशानी को बताया। कहा कि जनप्रतिनिधि केवल चुनाव में नज़र आते है, ग्रामीणों की तकलीफ को दूर करने नहीं पहुँचते। वहीं एक दूसरे ग्रामीण ने कहा कि जर्ज़र सड़क के कारण कोई वाहन गांव नहीं आता और अगर आता है तो दुगुना भाड़ा लेता है। स्कूल जाने वाले बच्चों और बीमार व्यक्ति को काफी परेशानी हो रही है। अगर इस बार रोड नहीं बनेगा, तो ग्रामीण सड़क पर उतरकर आंदोलन करने को मजबूर हो जाएंगे।
मौके पर भाजपा नेत्री, आरती कुजूर ने ग्रामीणों की समस्या सुनने के बाद कहा कि सड़क किसी भी राज्य के विकास की प्रथम सीढ़ी होती है। पूर्व में भी लाली गांव की सड़क काफ़ी जर्ज़र थी. ग्रामीणों के साथ मिलकर कई बार आंदोलन किया था, जिसके कारण सड़क बना. लेकिन पंद्रह साल बाद सड़क की स्थिति इतनी जर्ज़र है कि गिरने पर भगवान भी गिरने वाले को बचा नहीं पायेगा। इसलिए ग्रामीणों ने इसे नरक द्वार का नाम दिया है। झारखण्ड सरकार से मांग है कि नामकुम-सिदरोल से लाली गांव को जोड़ने वाली सड़क का अविलम्ब निर्माण हो, अन्यथा ग्रामीणों के साथ पार्टी उग्र आंदोलन करने के लिए बाध्य हो जाएगी।
मौके पर उपस्थित ग्रामीणों ने रांची से लाली गांव तक मुख्यमंत्री ग्राम गाड़ी योजना के तहत बस सुविधा प्रदान करवाने की मांग की है। ग्रामीणों ने ये मांग पत्र भाजपा नेत्री आरती कुजूर को सौपा और सांसद तक अपनी बात पहुँचाने और जनप्रतिनिधि को गांव में लाने की मांग भी रखी है। मौके पर मनोज महतो, ख़ुशी महतो, प्रभु महतो, सरिता देवी, खुशबू कुमारी जागेश्वर महतो, रमिता देवी, सुशीला देवी सहित कई ग्रामीण उपस्थित थे।