राजाउलातु पंचायत अंतर्गत, सोगोद गांव में जमीन की खरीद-बिक्री पर ग्रामसभा ने लगाया प्रतिबंध…
रिपोर्ट- संजय वर्मा...
रांची(नामकुम प्रखंड)- आदिवासियों को जमीन बचाना है, तो उनको संविधान द्वारा प्रदत उनके हक्-अधिकारों की जानकारी रखनी बहुत जरुरी है, क्योंकि कानून की जानकारी नहीं होने और लोभ लालच में फंस कर आदिवासी अपने जमीन खोते जा रहे हैं। ये कहना है सामाजिक कार्यकर्ता विनसय मुंडा का।
रविवार को राजाउलातु पंचायत के सोगोद गांव में एक बैठक रखा गया जिसमें सीएनटी एक्ट, पेशा कानून और पंचायती राज व्यवस्था के बारे में काफी विस्तृत रुप से जानकारी दी गई। ग्रामीणों को जानकारी देने के लिए सोगोद ग्रामसभा के द्वारा खूंटी के सामाजिक कार्यकर्ता सह कानून के जानकार विनसय मुंडा अन्य कई जानकारों को लेकर सभा में उपस्थित हुवे। यहां पेशा कानून के तहत ग्रामसभा को मिले अधिकारों की जानकारी दी गई, इसके साथ ही सीएनटी एक्ट के प्रावधानों के तहत कैसे आदिवासी अपनी जमीनों को बचा सकते हैं, इसके बारे में भी बताया गया।
सादा पट्टा को कोर्ट भी मान्यता नहीं देता हैः विनसय मुंडा
ताजा खबर झारखंड़ की टीम से बात करते हुए सामाजिक कार्यकर्ता विनसय मुंडा ने बताया की वर्तमान में आदिवासियों की जमीन को गलत तरीके से खरीदने का काफी मामला सामने आ रहा है। गैर-आदिवासी सादा पट्टा के माध्यम से जमीन धड्ल्ले से खरीद विक्री कर रहे हैं, जबकि ये गैर संवैधानिक है। कोई भी बाहरी और गैर आदिवासी, आदिवासियों की जमीन को खरीद ही नहीं सकता। सीएनटी एक्ट की धारा एकहत्तर ए के तहत सादा पट्टा में अगर किसी जमीन की बिक्री की गई है, तो कोर्ट के माध्यम से आदिवसी पुनः अपनी जमीन वापस पा सकते हैं। सादा पट्टा को कोर्ट भी मान्यता नहीं देता है। आदिवासियों को उनके हक् अधिकारों की रक्षा के लिए इन कानूनों की जानकारी रखना बहुत जरुरी है।
इस तरह की सभा से अशिक्षित ग्रामीण भी काफी सरलता से अपने हक् अधिकारों को जान पाते हैः
वहीं सोगोद ग्राम सभा के सदस्य गुलाब सिंह मुंडा ने बताया की इस तरह की सभा से ग्रामीणों को काफी लाभ हो रहा है। गांव में काफी लोग अशिक्षित है, जिसके कारन इन्हें कानूनों की जानकारी नही है और अपने हक् अधिकारों को जान नहीं पाते हैं। गांव की सभा में जो वक्तागण पहुंचे हुए हैं, वे लोग काफी सरल तरीके से ग्रामोणों को जानकारी दे रहे हैं और लोग समझ भी रहे हैं।
सोगोद गांव के रैयत अपनी जमीन की बिक्री नहीं करेंगेः
गुलाब सिंह मुंडा ने आगे कहा कि सोगोद गांव के ग्रामसभा ने निर्णय लिया है कि, गांव के नक्शे में 13 से 21 नंबर सीट के अंदर, जितने भी रैयतों की जमीन है, वे लोग अपनी जमीन की बिक्री नहीं करेंगे। इस पर सभी रैयतो ने सहमति प्रदान करते हुवे सामुहिक निर्णय लिया है।