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अपराध मुद्दा

यश मॉडल कंपनी के मालिक, तनवीर खान पर युवती ने लगाया आरोप, ब्लैकमेल कर धर्म परिवर्तन करने और शादी का बना रहा है दबाव.

रिपोर्ट- बिनोद सोनी….

राँची: महाराष्ट्र पुलिस के द्वारा रांची पुलिस को एक केस ट्रांस्फर किया गया है, जिसमें बिहार की रहने वाली एक मॉडल ने रांची स्थित यश मॉडल कंपनी के मालिक, तनवीर खान पर ब्लैकमेल करने के साथ-साथ धर्म परिवर्तन कर जबरन शादी करने के लिए दबाव बनाने का आरोप लगाया है।

पीड़िता का आरोप, यश नाम बता कर तनवीर ने दोस्ती की थीः

पीड़िता ने बताया कि, आरोपी तनवीर खान ने पहली मुलाकात में उसे अपना नाम यश बताया था। जब उसका असली नाम तनवीर खान पता चला, तो उसने दूरी बनानी शुरू कर दी, इसके बाद से उसे ब्लैकमेल करने और मारपीट का सिलसिला शुरू हो गया। वहीं इस मामले में युवती ने सीएम को ट्वीट कर सुरक्षा की गुहार लगाई है।

नशे की गोली खिला कर कुछ फोटो तनवीर ने खिंचा थाः पीड़िता

पीड़िता ने पुलिस को बताया कि होली त्योहार के दौरान तनवीर ने नशे की गोलियां खिलाकर उसके कुछ फोटो खींचे थे। इसके बाद से तनवीर उसे, उसी फोटो को आधार बना कर ब्लैकमेल करने लगा और मारपीट का सिलसिला भी शुरू हो गया। आरोपी तनवीर उस पर धर्म बदलने और शादी करने का दबाव बनाने लगा। इसके बाद उसने इसकी शिकायत मुम्बई के बरसोवा थाने में दर्ज कराई।

आरोपी, तनवीर खान ने सभी आरोपों को खारिज कियाः

आरोपी, तनवीर खान पीड़िता के सभी आरोपों को सिरे से खारिज करते हैं।  तनवीर ने पीड़िता पर आरोप लगाया कि, वह अपने ब्वॉयफ्रेंड के साथ मिलकर उसे ब्लैकमेल कर रही है। मुझे झूठे आरोपों में फंसाने की कोशिश कर रही है। तनवीर ने कहा कि इस युवती ने मेरे बिजनेस को काफी नुकसान पहुंचाया। जब मैंने इससे भरपाई की मांग की तो वो मुझे ब्लैकमेल करने पर उतर आई है। आगे अपने बयान में कहा कि इससे पहले इस युवती ने मेरी न्यूड तस्वीर मेरे फैमिली और फ्रेंड्स को भेजा था, लेकिन मैंने इग्नोर कर दिया था।

तनवीर पर रांची के गोंदा थाना में केस दर्जः एसएसपी

मामले की जानकारी देते हुए रांची एसएसपी, कौशल किशोर ने बताया कि महाराष्ट्र पुलिस द्वारा भेजे गए मामले पर संज्ञान लिया गया है और उसके बाद उसपर 376 समेत अन्य धाराओं का केस गोंदा थाना में दर्ज कर जांच शुरु कर दी गई है।

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मुद्दा राजनीति

लोकसभा में पेश वन संरक्षण संशोधन अधिनियम, वन अधिकार कानून एवं पेशा कानून को नगण्य करने के साथ-साथ वन निवासी समुदायों के अधिकारों पर कुठाराघात करने वाला.

रिपोर्ट- ब्यूरो, ताजा खबर झारखँड…

रांचीः वन(संरक्षण) संशोधन विधेयक 2023, जो लोक सभा में 29 अप्रैल 2023 को पेश किया गया था, उसे संयुक्त संसदीय समिति के द्वारा 3 मई 2023 को 15 दिनों के भीतर कुछ टिपणी और सुझावों के लिए आमजनों के लिए रखा गया था, जिसमें पाया गया कि, प्रस्तावित संशोधन वन संरक्षण अधिनियम 1980 को न केवल कमज़ोर करता है, बल्कि वन अधिकार कानून एवं पेसा कानून को अपूर्णीय क्षति पहुंचाते हुए इसके क्रियान्वयन को नगण्य करता है। यह संशोधन विधेयक वन निवासी समुदायों के अधिकारों पर कुठाराघात करता है।

वन उत्पादों पर निर्भर है वनों में रहने वाले समुदाय.
वन (संरक्षण) संशोधन विधेयक 2023 के दुष्परिणामः
  • प्रस्तावित संशोधन विधेयक 2023 सीधे तौर पर वन अधिकार कानून 2006 द्वारा प्रदत्त वन अधिकारों को नज़र अंदाज़ करता है। ग्राम सभा एवं स्थानीय समुदायों जो वन संरक्षण एवं संवर्धन के अधिकारों की अवहेलना करता है।
  • यह विधेयक केंद्र सरकार को पूर्णरूपेण सक्षम प्राधिकारी बनाता है, जो यह तय कर सकेगा कि, वनों एवं वन भूमि को किस हद तक तथा किस रूप में इस्तेमाल करेगा। परिणामतः वनों को गैर वन उपयोग के लिए भी परिवर्तित कर सकेगा। इसका दुष्परिणाम यह होगा कि वनों के अंधाधुंध कटाई होगी एवं निजी कंपनियों के हाथों में आसानी से दे दिया जाएगा। इसके लिए स्थानीय समुदायों की सहमति की कोई आवश्यकता नहीं लेनी होगी, जो कि वन (संरक्षण) अधिनियम 1980 के धारा 2 में स्थानीय समुदायों की सहमति को अनिवार्य करता है।
  • यह प्रस्तावित विधेयक केंद्र सरकार को व्यापक रूप से शक्तियां भी प्रदान करता है। इन शक्तियों का उपयोग करते हुए केन्द्र सरकार, राज्य सरकार, पैसा कानून, स्थानीय समुदायों एवं ग्राम सभा के शक्तियों को नकारता है और अधिसूचना या घोषणा के माध्यम से वनों को किसी भी व्यक्ति एवं निजी संस्थानों को हस्तांतरित कर सकता है।
  • ऐसे अचिन्हित,अवर्गीकृत और अन्य वन क्षेत्रों को जिसे 1996 में उच्चतम न्यायालय को गोदावार्मन केस के फैसले में वन का दर्जा दिया था, उसे इस प्रस्तावित विधेयक में इस विशाल वन भूमि की परिभाषा से बाहर करता है । अतः ग्राम सभा इसका स्वशासन, संरक्षण एवं संवर्धन नहीं कर सकेगा और वन भूमि का हस्तांतरण बिना किसी सहमति से आसानी से किया जाएगा।
  • यह प्रस्तावित संशोधन विधेयक वन भूमि को संरक्षण के दायरे से बाहर कर देता है और राष्ट्रीय राज मार्ग, रेल, सड़क निर्माण, अंतर्राष्ट्रीय सीमा के 100 किलोमीटर के दायरे, राष्ट्रीय उद्यान, प्रकृति पर्यटन स्थल, राष्ट्रीय सुरक्षा सम्बंधित परियोजना, राष्ट्रीय रक्षा एवं पारा मिलिट्री फोर्स तथा सार्वजनिक हित के लिए निर्माण कार्यों हेतू वन भूमि के उपयोग की छूट देता है। इसका सीधा-सीधा यह अर्थ निकलता है कि उपरोक्त परियोजनाओं से वन्य जीवों, पर्यावरण, एवं समुदायों के परिवेश को न केवल हानि पहुंचाएगा बल्कि उनको नष्ट भी करेगा।
  • यह गैर वन गतिविधियों को भी बढ़ावा देता है जो कि वनों का असंतुलित व्यवसायी करण को छूट देता है और खनिजों के खनन के लिए अन्य मानकों जैसे भूकंप को नज़र अंदाज़ करता है।

वनों में निवास करने वाले समुदायों का जन जीवन.
संयुक्त संसदीय समिति को जन संघर्ष समिति, नेतरहाट समेत कई जन संगठनों का सुझावः
  • केन्द्र सरकार को यह सुझाव दिया जाता है कि, वन अधिकार कानून 2006 द्वारा प्रदत्त वन अधिकारों को नज़र अंदाज़ न किया जाए और ग्राम सभा एवं स्थानीय समुदायों के अधिकारों को बरक़रार रखा जाए।
  • मूल वन (संरक्षण) अधिनियम 1980 के धारा 2 में स्थानीय समुदायों की सहमति को अनिवार्य करते हुए प्रस्तावित संशोधन विधेयक के धारा 4 के तहत भी अनिवार्य किया जाए।
  • अचिन्हित, अवर्गीकृत और अन्य वन क्षेत्रों को जिसे 1996 में उच्चतम न्यायालय को गोदावार्मन केस के फैसले में वन को परिभाषित किया गया इसे प्रस्तावित संशोधन विधेयक में भी लाया जाए।
  • प्रस्तावित वन (संरक्षण) संशोधन विधेयक 2023 को लाने के बजाय वन अधिकार कानून 2006 को धरातल पर सख्ती से लागू किया जाए।
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अपराध ब्रेकिंग न्‍यूज

आरवीएनएल के 6 मजदुरों की 25,000 वोल्ट करंट लगने से मौत, धनबाद-गोमो रेल लाईन के बीच हुई घटना, सभी मजदुर लातेहार जिले के…

रिपोर्ट- मनोज प्रसाद…

बाघमाराः रेलवे विभाग की लापरवाही आज एक बार फिर उजागर होते देखी गई। रेलवे विभाग की लापरवाही का खामियाजा 6 ठेका मजदूरों को अपनी जान देकर भुगतना पड़ा है।

बताते चलें कि हावड़ा-नई दिल्ली रेलवे मुख्य मार्ग रामकनाली ओपी अंतर्गत झारखोर फाटक के पास रेलवे लाईन के किनारे हाईटेंशन पोल लगाने के क्रम में 25000 वोल्ट के तार की चपेट में आने से 6 मजदूरों की दर्दनाक मौत घटनास्थल पर ही हो गई। सभी मजदूर इस कदर झुलस गए थें कि, उनकी शिनाख्त होना भी मुश्किल हो रहा है।

बताया जाता है कि सभी मजदूर लातेहार जिले के रहने वाले थें। आरवीएनएल कंपनी के 8 मजदूरों की टीम इस साइट पर रेलवे के लिए बिजली का पोल लगाने का काम कर रहे थें, इसी क्रम में लगाया जा रहा बिजली का पोल रेलवे लाईन के उपर उपर लगे 25,000 वोल्ट की तार के संपर्क में आ गया, जिससे 6 मजदुरों ने झुलस कर घटनास्थल पर ही दम तोड़ दिया।

घटना की सूचना पाकर धनबाद डीआरएम, बाघमारा डीएसपी निशा मुर्मू सहित कई आला अधिकारी घटनास्थल पर पहुंचे। डीआरएम ने बताया कि बिना परमिशन और बिजली सट डाउन लिए आरवीएनएल कंपनी द्वारा काम करवाया जा रहा था। पोल लगाने से पूर्व बिजली सट डाउन करवाना आवश्यक होता है, लेकिन कंपनी द्वारा ना ही पोल लगाने के लिए प्रमिशन लिया गया था और ना ही बिजली ही सट डाउन करवाया गया था।  आरएम ने आगे कहा कि सारे तथ्यों के जांचोपरांत ठोस निर्णय पर पहुंचा जाएगा। घटनास्थल से आरपीएफ ने लाश को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।

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अपराध मुद्दा

पलामू जिला, करसो पंचायत के मुखिया पति, शंकर साव पर अवैध हथियार के बल पर दलित समुदाय को धमकाने का आरोप, पीड़ित ने आवेदन एसपी को दिया.

रिपोर्ट- संजय वर्मा…

पलामूः पलामू जिला, करसो पंचायत के मुखिया पति, शंकर साव पर अपने 4-5 गुर्गों के साथ अवैध हथियार लेकर दलितों को धमकाने का आरोप लगा है। करसो पंचायत निवासी पीड़ित शिवलाल सिंह ने इस बारे में जिले के एसपी से लिखित शिकायत की है। 30 वर्षीय शिवलाल सिंह, पिता मोहन सिंह ने एसपी को दिये आवेदन में कहा है कि, दिनांक 1 मई 2023 को शंकर साव, अपने 4-5 गुर्गों के साथ हथियार लेकर रात के नौ बजे मेरे घर पहुंचे और कहा कि, तुम मेरे साथ मेरे लिये काम करो, नहीं तो जान मार देंगे। जब मैंने ईन्कार किया कि, मैं आपके साथ नही रहुंगा, तो कॉलर पकड़ कर मुझे मारने लगें। इसके बाद मां-बहन की गाली देते हुए कहा कि साला खेरवार, हरिजन तुम लोगों का कोई कीमत नहीं है। पांच दिन का समय दे रहे हैं। मेरे साथ जुड़ जाओ नहीं तो दूसरी बार आ गएं, तो गोली मार देंगे।

पीड़ित़, शिवलाल सिंह द्वारा जिले के एसपी को सौंपा गया आवेदन की कॉपी.

शंकर साव की धमकी से मेरे परिवार के लोग रोने-चिलाने लगे और शंकर साव मुझे लात घुसे से मारते रहें। जब गांव के लोग वहां जमा होने लगे तो शंकर साव अपने गुर्गों को लेकर वहां से चले गएं। पांच मई को शंकर साव दुबारा शायं के 7 बजे मेरे घर पहुंचे और बोला कि क्या निर्णय लिया? मेरे साथ जुड़ोगे की नहीं? जब मैने फिर इन्कार कर दिया, तो उसने कहा कि तुम नहीं मानोंगे, तुमको भी अब और लोगों की तरह जेल भेजवाना पड़ेगा, तब तुम मानोंगे। शंकर साव ने ये भी कहा कि मेरे पास हथियारों की कमी नहीं है। मैं अपने हथियार वायरल भी कर चुका हूं, कोई मेरा कुछ नहीं बिगाड़ लेगा।

शिवलाल सिंह ने अपने आवेदन में एसपी से सुरक्षा की गुहार लगाते हुए कहा है कि, इस घटना से मैं काफी डरा हुआ हूं। चुंकि मैं समाजिक कार्यों में ज्यादा व्यस्त रहता हूं और लगातर समाज के कार्यों को लेकर मेरा घुमना-फिरना लगा रहता है। मुझे डर है कि शंकर साव मुझे मरवा सकता है या फिर किसी ना किसी बहाने झुठा केस में मुझे फंसा सकता है। अतः महाशय से निवेदन है कि शंकर साव के विरुद्ध कानून सम्मत कार्रवाई करते हुए मुझे न्याय दिलाया जाए।

पीड़ित शिवलाल सिंह ने फोन पर बात करते हुए ताजा खबर झारखंड के संवाददाता को बताया कि, मुखिया पति, शंकर साव पंचायत चुनाव के समय से ही मुझ से नाराज हैं। उसने मुझे अपने समुदाय(खेरवार) का वोट अपनी पत्नी के पक्ष में दिलवाने के लिए कहा था, लेकिन मैंने इस बारे में खेरवार समुदाय के लोगों से कोई बात नहीं कि और सभी ने अपने मन से अपने मत का प्रयोग किया था। शंकर सिंह पूर्व में गांव के कई युवकों को झुठा केस करके जेल भिजवा चुका है। गांव वाले जब उन्हें ग्रामसभा की बैठक में बुला कर उनसे बात करना चाहते हैं, तो वे ग्रामसभा की बैठक में भी नहीं आते हैं। शंकर साव स्पष्ट कहता है कि कोई मेरा कुछ नहीं बिगाड़ लेगा।

कूल मिला कर ये मामला संविधान के अनुच्छेद-21 का हनन है। अनुच्छेद-21 में स्पष्ट है कि देश के हर नागरीक को गरीमा के साथ जीवन जीने का अधीकार है। अगर कोई भी व्यक्ति, व्यक्ति विशेष के संवैधानिक अधीकारों का उल्लंघन करता है तो, निश्चित तौर पर उसके उपर कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए।

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Education अपराध मुद्दा

जी.एस. पब्लिक स्कुल विद्यालय प्रबंधन समिति में अध्यक्ष पिता और पुत्र सचिव, शिक्षा अधिकार कानून के धारा 21 का खुला उल्लंघन : ओंकार विश्वकर्मा

ब्यूरो रिपोर्ट…

डोमचांच (कोडरमा) : डोमचांच स्थित ज्ञान सरोवर पब्लिक स्कुल में शिक्षा अधिकार कानून 2009 का पालन नहीं किया जा रहा है। स्कूल का ये मामला राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग नई दिल्ली में विचाराधीन है।  उक्त बाते मानवाधिकार कार्यकर्ता ओंकार विश्वकर्मा ने कही। ओंकार विश्वकर्मा ने बताया कि, विद्यालय को मान्यता मिलने के बाद, शिक्षा अधिकार कानून का पूर्ण रूपेन पालन करना अनिवार्य है।

विद्यालय के प्रबंधन समिति में अध्यक्ष के पद पर पिता प्रदीप सिंह और सचिव के पद पर पुत्र नितेश सिंह हैं काबिजः

आगे ओंकार विश्वकर्मा ने बताया गया कि इस पुरे मामले की क्रॉस जाँच मेरे द्वारा की गई थी, जिसमे यह पुष्टि हुआ था कि, उक्त विद्यालय शिक्षा अधिकार कानून का पालन नहीं कर रहा है। स्कूल में जिन बच्चों को निःशुल्क पढ़ाने की बात कही जा रही थी, जांच में ये पाया गया की बच्चों से शुल्क लिया जा रहा था। जिसके बाद माननीय आयोग ने पुनः उक्त विद्यालय के जाँच के आदेश दिए थे, जिस पर दिनांक 15 मई 2023 को उपायुक्त, कोडरमा द्वारा आयोग को सौंपे गए रिपोर्ट से इस बात की पुष्टि हुई है कि, उक्त विद्यालय के प्रबंधन समिति में अध्यक्ष के पद पर प्रदीप सिंह एवं सचिव के पद पर नितेश सिंह है जो रिश्ते में पिता और पुत्र हैं, जो शिक्षा अधिकार कानून 2009 के धारा 21 का उलंघन है। अधिनियम की धारा 21 के तहत खून के रिश्ते के लोग पद पर सदस्य नहीं हो सकते हैं।

कोडरमा उपायुक्त द्वारा बाल संरक्षण आयोग को सौंपा गया जांच प्रतिवेदन का पत्र.

स्कूल में कई ऐसे शिक्षकों का नाम दिया गया है, जो दुसरे राज्यों में काम कर रहे हैः

विद्यालय प्रबंधक ने इस बात की जानकारी नहीं दी है, कि उनके विद्यालय में कितने बच्चे शिक्षा प्राप्त कर रहे है और कितने बच्चे शिक्षा अधिकार कानून के सेक्शन 12 (1) (c) के तहत नि:शुल्क शिक्षा प्राप्त कर रहे है। वहीं स्कूल में कई ऐसे शिक्षकों का नाम दिया गया है, जो दुसरे राज्यों में काम कर रहे है, और उनका नाम विद्यालय के शिक्षण कार्य में दिखाया गया है

क्या कहता है शिक्षा अधिकार कानून का धारा 12 (1) (c)

शिक्षा अधिकार कानून के धारा 12 (1) (c) कहता है कि गैर अल्पसंख्यक निजी गैर सहायता प्राप्त स्कूल ऐसे बच्चों को जो आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग से हैं और शिक्षा से वंचित हैं ऐसे बच्चों को प्रवेश स्तर ग्रेड में कम से कम 25 प्रतिशत सीटों को आरक्षित किया जाए, और वर्ग 8 अर्थात 14 वर्ष के उम्र तक के बच्चों को नि:शुल्क शिक्षा प्रदान की जाए|

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अपराध

पीएलएफआई सुप्रीमो दिनेश गोप नेपाल से गिरफ्तार, लाया गया रांची…

 

रिपोर्ट- बिनोद सोनी…

रांचीः लंबे समय से झारखंड में आतंक का पर्याय रहे पीएलएफआई सुप्रीमो दिनेश गोप को गिरफ्तार कर लिया गया है। दिनेश गोप को एनआईए ने आईबी की सूचना पर नेपाल से गिरफ्तार करने में सफलता पाई है।

दिनेश गोप नेपाल में अपना भेष बदल कर सरदार की भेष में रह रहा था। इसी दौरान आईबी को मिली सूचना के आधार पर एनआईए रांची की टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दिनेश गोप को गिरफ्तार कर लिया।

गिरफ्तारी के बाद दिनेश गोप को नेपाल से दिल्ली लाया गया, उसके बाद दिल्ली से एयर एशिया के विमान से रविवार की शाम पांच बजे रांची एयरपोर्ट लाया गया। एनआईए द्वारा दिनेश गोप को गुप्त स्थान पर रखकर पूछताछ की जाएगी। पुछताछ के  दौरान कई बड़े खुलासे होने की उम्मीद है। दिनेश गोप के ऊपर झारखंड पुलिस ने 25 लाख का इनाम घोषित किया था। वहीं एनआईए ने उसपर पांच लाख का इनाम घोषित कर रखा था।

रांची लाने के क्रम में दिनेश गोप की ली गई तस्वीर.

दिनेश गोप विदेशी हथियारों का शौकिन था और उसके दस्ते के पास कई विदेशी हथियार मौजुद है। पूर्व में विदेशी रॉकेट लांचर से लेकर एके-47 तक उसके दस्ते के सदस्यों के पास से बरामद किया जा चुका है। ये विदेशी हथियार कौन और किस तरह दिनेश गोप तक पहुंचाया करते थें, इस बारे में भी दिनेश गोप से पुछताछ की जाएगी। इसके अलावे लेवी की रकम वो कहां और किसके माध्यम से इंवेस्ट किया करता था, उसने कितनी संपत्ति लेवी से अर्जित की है, इसके बारे में भी पुछताछ होगी।

फिलहाल दिनेश गोप को कोर्ट में पेशी के बाद रिमांड में लेने की तैयारी हो चुकी है।

जानकारी देते चलें कि, दिनेश गोप लेवी की रकम से कोल्हान और दक्षिणी छोटानागपुर प्रमंडल में आधा दर्जन से अधीक स्कूलों का संचालक करता है, पुछताछ में उन स्कूलों के नाम का भी खुलाशा होने की संभावना है।

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मुद्दा

“ग्लोबल एक्सेसिबिलिटी अवेयरनेस डे”  के अवसर पर “टेक्नोलॉजी एक्सेसिबल फॉर एवरीवन”  थीम पर जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन दीपशिखा रांची में किया गया.

रांचीः “ग्लोबल एक्सेसिबिलिटी अवेयरनेस डे”  के अवसर पर गुरुवार, दिनांक 18.05.2023 को  “टेक्नोलॉजी एक्सेसिबल फॉर एवरीवन”  थीम पर जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन दीपशिखा रांची में आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में राष्ट्रीय न्यास के द्वारा 10  सी. पी. चेयर  दीपशिखा स्टेट नोडल एजेंसी को प्रदान किया गया है, जिसे झारखंड के विभिन्न जिलों के सीपी बच्चों को प्रदान किया जाएगा।

कार्यक्रम में ग्लोबल एक्सेसिबिलिटी अवेयरनेस डे के बारे में विस्तार से चर्चा किया गया और इसके महत्व के बारे में बताया गया। एक्सेसिबिलिटी प्रत्येक व्यक्ति का मौलिक अधिकार है। दिव्यांग व्यक्ति जहां कहीं भी जाना चाहें, घूमना चाहे वे जा सकते है, लेकिन वर्तमान समय में एक्सेसिबिलिटी की  समस्या हर स्थान पर होने के कारण दिव्यांग व्यक्ति नहीं जा पाते हैं, जिससे बच्चों  और व्यक्ति का विकास अवरूद्ध होता है और समाज में समावेशित नहीं हो पाते हैं, इस पर विचार किए जाने की आवश्यकता है।

10 सी. पी. चेयर दीपशिखा स्टेट नोडल एजेंसी को दिया गया.

इस कार्यक्रम में सेरेब्रल पाल्सी  उसके विभिन्न प्रकार ,कारण और प्रबंधन के बारे में विस्तार से चर्चा किया गया, साथ ही राष्ट्रीय न्यास के विभिन्न स्कीम एवं राष्ट्रीय न्यास द्वारा चलाए जा रहे कार्यक्रमों के बारे में विस्तार से जानकारी प्रदान किया गया।

इस कार्यक्रम में  डॉ अनुराधा वत्स क्लिनिकल साइकोलॉजिस्ट, प्रमोद कुमार स्टेट कोऑर्डिनेटर राष्ट्रीय न्यास एवं अमिता सिन्हा विशेष तौर पर उपस्थित रहें।

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हथियार के बल पर नामकुम प्रखंड अंतर्गत मल्टी गांव में आदिवासियों की पहनई जमीन पर किया जा रहा है कब्जा, उपायुक्त को करवाया गया मामले से अवगत.

रिपोर्ट- बिनोद सोनी…

रांची(नामकुम प्रखंड)- आदिवासियों के धार्मिक जमीन की ना तो बिक्री हो सकती है ना ही इसका हस्तांतरण हो सकता है। ऐसी जमीन पर गांव का सामुहिक मालिकाना हक होता है। लेकिन जमीन कारोबारियों का मनोबल इतना बढ़ चुका है कि, जबरन हथियार के बल पर नामकुम प्रखंड अंतर्गत मल्टी गांव में पहनई, धार्मिक एवं सामाजिक जमीन पर निर्माण कार्य करवाया जा रहा है। गांव की सामाजिक, धार्मिक जमीन की लूट के खिलाफ कई बार गांव में ग्रामसभा किया गया जिसमें एक स्वर में धार्मिक, सामाजिक जमीन पर जबरन कब्जा का विरोध किया गया था, बावजूद अपने पहुंच, पैसे और दबंगई के बल पर जमीन पर खुलेआम कब्जा करने का काम जारी है।

रांची उपायुक्त को जमीन लूट मामले से अवगत करवाते प्रतिनिधिमंडल.

पूर्व में रांची उपायुक्त सहित जमीन मामले से जुड़े संबंधित अधिकारी और पदाधिकारियों को मामले की जानकारी दी गई, इसके बाद भी धार्मिक, सामाजिक जमीन पर कब्जा का गोरख धंधा चल रहा है। गुरुवार को पूर्व जिप सदस्य सह भाजपा महिला मोर्चा की अध्यक्ष आरती कुजूर के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल रांची के उपायुक्त राहुल कुमार से मुलाकात कर मामले की गंभीरता से अवगत करवाते हुए ध्यान आकृष्ट कराया साथ ही गांव की सामाजिक जमीन को बचाने का आग्रह किया। उपायुक्त से मुलाकात के दौरान प्रतिनिधिमंडल ने ये भी कहा कि, यदि पदाधिकारी जमीन बचाने में सहयोग नही करेंगे तो ग्रामीण खुद ही जमीन पर उतर कर अपनी जमीन बचाने का काम करेंगे। उपायुक्त महोदय ने  मामले की गंभीरता को देखते हुए कार्रवाई का भरोसा दिया है।

प्रतिनिधिमंडल में पूर्व जीप सदस्य, आरती कुजूर, अंजलि लकडा, चंदा लकड़ा, महादेव गाड़ी, किशोर लकड़ा, सुजीत टोप्पो, महेश लिंडा, निर्मल लकड़ा, इलियाजार लकड़ा उपस्थित थें।

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कर्नाटका जीत पर प्रदेश कांग्रेस  में जश्न का माहौल, वहीं भाजपा में मायुसी, झामुमो ने भी ठोंका ताल….

रिपोर्ट- बिनोद सोनी…

रांचीः कर्नाटका में मिली अप्रत्याशित जीत को लेकर प्रदेश कांग्रेस पार्टी कार्यालय में उत्साह का महौल देखने के मिलाल वहीं प्रदेष भाजपा के वरीष्ठ नेताओं के चेहरे उतरे हुए नजर आएं। कर्नाटका में कांग्रेस पार्टी को बहुमत का आंकड़ां प्राप्त हुआ है, जिसके कारन कांग्रेस पार्टी की खुशी दोगुणी हो चुकी है।  झारखंड राजधानी रांची स्थित प्रदेश कार्यालय शनिवार को जय बजरंबली के नारों से गूंजता रहा।

कांग्रेस के भारत जोड़ो यात्रा को कर्नाटका की जनता ने सराहा हैः

मौके पर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष, राजेश ठाकुर ने इस जीत को बजरंगबली की जीत बताया साथ ही भाजपा पर तंज कसते हुए कहा कि जिस तरह कर्नाटक चुनाव में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बजरंगबली के नाम का सहारा लिया, उसी का परिणाम है आज कर्नाटका में कांग्रेस की जीत हुई है।

मोदी जी के उपलब्धियों को जनता के बीच नहीं पहुंचा पाए होंगेः दीपक प्रकाश

इधर प्रदेश भाजपा के अध्यक्ष दीपक प्रकाश ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि जनता जनार्दन सर्वोपरि है। हम मोदी जी के उपलब्धियों को जनता के बीच नहीं पहुंचा पाए होंगे, इस लिए हार का सामना करना पड़ा है। मीडिया को संबोधित करते हुए उन्होंने हार की समीक्षा करने की बात कहते हुए कांग्रेस को नसीहत दी है कि, कांग्रेस को ज्यादा खुश नहीं होना चाहिए। हार-जीत लगी रहती है यूपी में भी जरा कांग्रेस को निकाय चुनाव के नतीजे को देखना चाहिए।

नफरत की राजनीति को जनता ने अस्वीकार कर दिया हैः झामुमो

झारखँड में कांग्रेस की सहयोगी पार्टी झामुमों ने भी कांग्रेस की जीत पर खुशी जाहिर करते हुए कहा कि, नफरत की राजनीति को जनता ने नकार दिया है। इस रिजल्ट से भाजपा को सबक लेना चाहिए। झामुमो नेता सुप्रियो का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है। इस वीडियो पर भाजपा युवा मोर्चा के नेता पर केस दर्ज करवाया गया है। सुप्रीयो भट्टाचार्या ने वायरल वीडियो पर भाजपा के नेताओं से जवाब मांगा है। सुप्रीयो भट्टाचार्या ने आगे कहा कि नफरत फैलाने का प्रशिक्षण बाबूलाल मरांडी, रघुवर दास और दीपक प्रकाश ने कार्यकर्ताओं को दिया है, इसी नफरत को लेकर भाजपा के कार्यकर्ता एक वीडियो जारी कर नफरत फैला रहे है। उन्होंने बताया कि उनकी तबियत कुछ दिन पूर्व खराब थी वह वैध पर इलाज कराने गए थे तो वहां वैध ने एक वीडियो अपने प्रोमोशन के लिए बनाया था, लेकिन उस वीडियो को एडिट कर भाजपा के लोगों ने वायरल किया है। इससे इनकी मानशिकता साफ जाहिर होती है। उन्होंने कहा कि केस दर्ज होने के बाद उस पोस्ट को डिलीट कर दिया गया, लेकिन अब पुलिस जांच में स्पष्ट हो जाएगा की कैसे और कौन-कौन भाजपा के नेता काम करते है। इस वायरल वीडियो पर बाबूलाल मरांडी, रघुवर दास और दीपक प्रकाश से इस मामले में जवाब मांगा है.

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झारखंड स्टेट ओपन यूनिवर्सिटी, की टीम ने “डिप्लोमा इन काउंसेलिंग” कोर्स के लिए दीपशिखा का किया निरीक्षण.

 

ब्यूरो रिपोर्ट….

रांचीः झारखंड स्टेट ओपन यूनिवर्सिटी, रांची द्वारा गुरुवार दिनांक 11.05.2023 को दीपशिखा का निरीक्षण किया गया। “डिप्लोमा इन काउंसेलिंग” कोर्स के लिए दीपशिखा द्वारा आवेदन एक माह पूर्व विश्वविद्यालय को दिया गया था।

निरीक्षक के रूप में डॉक्टर प्रेम सागर केशरी, कोऑर्डिनेटर, झारखंड स्टेट ओपन यूनिवर्सिटी और विकास मौर्य ने दीपशिखा द्वारा संचालित किए जाने वाले कार्यक्रमों के बारे में विस्तार से जानकारी ली और यूनिवर्सिटी द्वारा संचालित किए जाने वाले पाठ्यकर्मो के बारे मैं जानकारी साझा किएं। टीम ने संस्थान में संचालित कार्यक्रमों की सराहना की और विशेष बच्चों से मिलकर काफी अभिभूत हुएं। मौके पर इस नेक कार्य के लिया दीपशिखा प्रबंधन एवं शिक्षिकाओं को धन्यवाद दिएं।


डॉक्टर प्रेम सागर केशरी, कोऑर्डिनेटर, झारखंड स्टेट ओपन यूनिवर्सिटी और विकास मौर्य ने आश्वासन दिया की जल्द ही मिलकर विशेष बच्चों के पुनर्वास के लिए और पाठयक्रम को शामिल किया जाएगा।