खनन माफिया के खिलाफ, धजवा पहाड़ पर एक माह तक चले अनिश्चितकालीन धरना के बाद 19 दिसंबर से क्रमिक भूख हड़ताल है जारी….

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रिपोर्ट- संजय वर्मा…

रांचीः पलामू जिले का खनन विभाग और पांडू प्रखंड का अंचल कार्यालय डीएमओ और अंचलाधिकारी नही, बल्कि बालू और पत्थर का अवैध खनन करने वाले माफिया चला रहे हैं। क्योंकि खनन माफिया, फर्जी ग्रामसभा का कागजात अंचल कार्यालय में पेश कर लिज हांसिल करने में सफल हो रहे हैं और खनन विभाग इस पर अपनी सहमति भी प्रदान कर रही है।

मामला है पलामू जिला, पांडू प्रखंड के कुटमु पंचायत का। कुटमु पंचायत अन्तर्गत बरवाही गांव के भू-रैयत और सैंकड़ों ग्रामीणों के साथ पंचायत जन प्रतिनिधि(पंचायत समिति सदस्य) बताते हैं कि गांव में कभी भी धजवा पहाड़ के लिज को लेकर ग्रामसभा की बैठक नही हुई है। फिर बिना ग्रामसभा से सहमति के किस आधार पर राजद नेता, सूरज सिंह की कंपनी को धजवा पहाड़ पर पत्थर खनन के लिए लिज दे दिया गया। गांव के लोगों को लिज की जानकारी तब हुई, जब कंपनी धजवा पहाड पर पत्थर खनन करना शुरु किया। इस दौरान सैंकड़ों ग्रामीणों ने पत्थर खनन का विरोध किया और कंपनी से लिज का कागजात दिखाने की मांग की, लेकिन कंपनी ने लिज का कागजात दिखाने से मना कर दिया और ग्रामीणों को ही झुठे मुकदमें में फंसा देने की धमकी देने लगा।

धजवा पहाड़ पर किये गए अवैध पत्थर खनन को दिखाते ग्रामीण.

प्लाट नः 1046 का लिज सूरज सिंह की कंपनी को दिया गया हैः

भू-रैयत और ग्रामीणों ने इस मामले में अंचल कार्यालय जा कर मामले की जानकारी ली, तो उन्हें पता चला कि राजद नेता, सूरज सिंह की कंपनी को धजवा पहाड़ के पास ही स्थित प्लॉट नः 1046 का लिज निर्गत किया गया है, लेकिन सूरज सिंह की कंपनी  प्लॉट नः 1046 पर पत्थर खनन ना कर, धजवा पहाड़ जिसका प्लॉट नः 1048 है, उस पर पत्थर खनन कर रहा है, जो पुरी तरह अवैध है। ग्रामीणों ने इस अवैध खनन के बारे में अंचलाधिकारी को अवगत करवाते हुए पिछले एक माह पूर्व से ही अवैध खनन के खिलाफ धजवा पहाड़ के उपर ही अनिश्चितकालीन धरना कार्यक्रम शुरु किया फिर आंदोलन को आगे बढ़ाते हुए बिते 14 दिसंबर को उपायुक्त कार्यालय के सामने महाधरना देते हुए उपायुक्त को अवैध माईनिंग रोकने के लिए मांग पत्र भी सौंपा। उस दौरान एसडीओ ने आंदोलनकारियों को भरोषा दिया कि जल्द ही मामले की जांच कर अवैध खनन पाए जाने पर कंपनी के उपर कानून सम्मत कार्रवाई होगी।

धजवा पहाड़ प्लॉट ल. 1048 के बगल में स्थित है प्लॉट न. 1046, जहां होती है खेती.

अंचल के अमीन और सीआई प्लॉट की जांच कर, अवैध माईनिंग करने की पुष्टि कर चुके हैः

ग्रामीणों की शिकायत और आंदोलन को देखते हुए अंचलाधिकारी ने अंचल कार्यलय के अमीन और सीआई को प्लॉट की जांच के लिए भेजा था, ग्रामीणों की मौजुदगी में हुए इस जांच में पाया गया कि जिस प्लॉट का लिज(प्लॉट नः 1046) कंपनी को दिया गया है, उस पर धान की फसल लगी है और जिस प्लॉट का लिज कंपनी को दिया ही नहीं गया है, उस धजवा पहाड़(प्लॉट नः1048) पर कंपनी अवैध रुप से पत्थर खनन कर रही है। अमीन ने ये जांच रिपोर्ट अंचलाधिकारी को सौंप दिया है, बावजुद इसकी अब तक कंपनी के उपर अवैध खनन का मामला दर्ज नहीं किया गया है।

धरना कार्यक्रम को धजवा पहाड़ बचाओ जन संघर्ष समिति ने अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल में तब्दिल कियाः

विभागीय अधिकारियों को जानकारी देने और जिले के उपायुक्त के समक्ष गुहार लगाने के बावजुद विभाग द्वारा कंपनी के उपर मामला दर्ज नहीं किया गया है। अधिकारी अब भी जांच की बात ही कह रहे हैं, जिससे नाराज धजवा पहाड़ बचाओ जनसंघर्ष समिति ने धरना कार्यक्रम को अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल कार्यक्रम में तब्दिल कर दिया है। बीते 19 दिसंबर से प्रतिदिन 20-20 की संख्या में ग्रामीण धजवा पहाड़ के उपर भूख हड़ताल कर रहे हैं, जो निरंतर जारी है।

वो बांध की तस्वीर जिसके पानी का उपयोग ग्रामीण पशुओं को पीलाने और खेती में करते हैं, ठीक पास में ही कंपनी ने स्थापीत किया है क्रशर प्लांट.

पांडू थाना प्रभारी, अवैध खनन कर रही कंपनी का दे रहे हैं साथः

धजवा पहाड़ बचाओ जनसंघर्ष समिति के नेता और ग्रामीणों ने बताया कि, पांडू थाना प्रभारी पुरी तरह भ्रष्टाचार में लिप्त हैं। कंपनी से पैसे लेकर कंपनी के पक्ष में काम कर रही है। पहले पांच आंदोलनकारियों पर झुठा मुकदमा दर्ज किया, फिर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल में बैठे गांव के बुजूर्गों को अपशब्द कहते हुए टेंट, कंबल, लाउडस्पीकर, लाईट और खाने के सामान को नष्ट कर दिया और कुछ सामान अपने साथ ले भी गएं। जिस वक्त पांडू थाना प्रभारी आंदोलन स्थल, धजवा पहाड़ पर पहुंचे थें, उस वक्त उनके साथ कंपनी के गुंडे भी मौजुद थें। गुंडों ने पहाड़ पर लगे झंडे को काट कर जमीन पर गिरा दिया। जिससे ग्रामीणों के आस्था को भी चोट पहुंची है।

खनन पदाधिकारी ने अंचलाधिकारी से मांगा जांच रिपोर्टः

पांडू प्रखंड में हो रहे अवैध पत्थर खनन के खिलाफ जारी आंदोलन के नारों की गुंज राजधानी रांची भी पहुंच चुकी है। बावजुद अब तक खनन विभाग कछुवे की गति से चल रही है। बिते 21 दिसंबर को धजवा पहाड़ बचाओं जन संघर्ष समिति के बैनर तले, जन संग्राम मोर्चा, जन क्रांति मंच, सीपीआई(माले) रेड स्टार समेत आधा दर्जन जनसंगठनों ने झारखंड विधानसभा के शीतकालीन सत्र के दौरान विधानसभा के समक्ष एक दिवसीय धरना दिया, जिसमें माले विधायक बिनोद सिंह भी पहुंचे थें। धरना के दौरान उन्होंने आंदोलनकारियों को आश्वासन दिया था कि, इस मामले को सीएम के समक्ष रखा जाएगा। पार्टी झारखंड में चल रहे जल, जंगल और जमीन की लूट किसी भी हाल में बर्दास्त नहीं करेगी। विधानसभा के समक्ष हुए धरना कार्यक्रम के बाद जिले के खनन पदाधिकारी की निंद खुली और उन्होंने अंचल कार्यालय से जांच रिपोर्ट की मांग की है।

अवैध खनन करने के दोषी कंपनी और अधिकारियों पर मामला दर्ज होने तक जारी रहेगा अनिश्चितकालीन भूख हड़तालः

फिलहाल धजवा पहाड पर हो रहे अवैध पत्थर खनन पर रोक लगा दी गई है, लेकिन धजवा पहाड़ बचाओ जन संघर्ष समिति फर्जी ग्रामसभा के आधार पर कंपनी द्वारा हांसिल किए गए लिज रद्द करने और बीना जांच किए कंपनी को लिज देने वाले अधिकारियों पर कानून सम्मत कार्रवाई की मांग को लेकर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल जारी रखे हुए हैं।   

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